
वाहन कंपनियों के संघ ‘एएए’ के अनुसार, नियमित पेट्रोल की राष्ट्रीय औसत कीमत अब 4.02 डॉलर प्रति गैलन हो गई है जो युद्ध शुरू होने से पहले की तुलना में एक डॉलर से अधिक है।

कंपनी आईपीओ लाने से पहले ही 24 करोड़ रुपये तक के शेयर निजी तौर पर बेचने पर भी विचार कर सकती है। यदि ऐसा होता है, तो नए जारी किए जाने वाले शेयरों की कुल राशि उसी अनुपात में कम कर दी जाएगी।

देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी ‘इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन’ (आईओसी) ने कहा, ‘‘पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है। ’’

प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक जाट ने कहा कि 17.25 लाख करोड़ रुपये के पशुधन क्षेत्र में डेयरी का वर्चस्व है। यह क्षेत्र कुल उत्पादन में 65 प्रतिशत योगदान देता है और देश के सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में 16 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है, जिससे 46.1 प्रतिशत आबादी को आजीविका मिलती है।

कंपनी ने शुक्रवार को बयान में कहा कि वेंकटरमन ‘‘कुछ समय तक’’ कंपनी के साथ बने रहेंगे, ताकि कार्यों की निरंतरता बनी रहे और सुचारु रूप से जिम्मेदारियों का हस्तांतरण हो सके।

आईपीएल शुरू होने में बस कुछ ही दिन बचे हैं, और भारत का अवैध फैंटेसी गेमिंग और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म का विशाल भूमिगत नेटवर्क एक बार फिर सक्रिय हो रहा है.

यह फंड विविध और लचीले निवेश दृष्टिकोण का अनुसरण करता है, और विभिन्न बाजार पूंजीकरणों और क्षेत्रों में निवेश करता है. 28 फरवरी, 2026 तक, योजना का शुद्ध इक्विटी एक्सपोजर लगभग 76% था. बाकी निवेश उच्च गुणवत्ता वाले निश्चित आय साधनों में निवेश किया गया था.

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मोदी सरकार के पिछले लगभग 12 साल के कार्यकाल में सामाजिक सुरक्षा की कई योजनाएं धीरे-धीरे कमजोर होती चली गई हैं या उन्हें जानबूझकर कमजोर कर दिया गया है। पेंशन जैसी बुनियादी सुविधा भी लंबे समय से बढ़ती महंगाई के बावजूद लगभग जस की तस बनी हुई है। इसका सीधा असर बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर पेंशनभोगियों पर पड़ा है, जो समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग माने जाते हैं।’’
रिपोर्ट में हालांकि आगाह किया गया है कि इस प्रगति को बनाए रखने के लिए प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी होगा। इसके लिए नीतिगत ढांचे को समयबद्ध प्रोत्साहन योजना से आगे बढ़ाकर स्थायी राष्ट्रीय कार्यक्रम में बदलने और केंद्र व राज्यों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

बाजार नियामक सेबी ने इसके अलावा इनमें से 15 संस्थाओं को 2.94 करोड़ रुपये के कुल अवैध लाभ को 31 दिसंबर 2021 से भुगतान की तिथि तक 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित वापस जमा कराने का निर्देश दिया है।
